कुर्बानी की दुआ हिंदी में।
19 जुलाई , 2021
अस्सलाम अलैकुम !!!

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हजरात आज की इस पोस्ट में हम kurbani ki dua in hindi में जानेंगे और साथ ही साथ kurbani से जुडी सभी बातों के बारे में जानेंगे।
दोस्तों यहाँ एक बात बता देना चाहते हैं, की आप किसी भी दुआ को सूरह को हमेशा अरबी अल्फ़ाज़ में ही पढ़ें, यहाँ हम आपको kurbani ki dua in hindi में आपको आपकी सहूलियत के लिए बता रहे हैं।
Kurbani ki dua in hindi. | कुर्बानी की दुआ हिंदी में
Table of Contents
Kurbani kyun di jaati hai ( कुरबानी क्यों दी जाती है ?)kurbani dene ka sahi samay ( कुरबानी देने का सही वक़्त क्या हैbakrid mein kin janwaron ki kurbani de sakte hain ( कुरबानी में कौन से जानवर की कुबानी हलाल है ? )kurbani kin par wajib hai ( कुरबानी किन पर वाजिब है ? )kurbani ka janwar kaisa hona chahiye ( कुरबानी का जानवर कैसा होना चाहिए ? )Kurbani ki dua Kurbani ki dua in hindiKurbani ki dua in hindi translationKurbani ki dua in englsihKurbani ki dua in englsih translationKurbani dene ke bad ki duaKurbani dene ke bad ki dua in hindiKurbani dene ke bad ki dua in hindi translationKurbani dene ke bad ki dua in TenglishKurbani dene ke bad ki dua in english translationconclusion ( नतीजा )
Kurbani kyun di jaati hai (क़ुरबानी क्यों दी जाती है ?)
दोस्तों हममे से ऐसे भी बहुत से लोग हैं, जिन्हें यह बात नहीं पता की आखिर क़ुरबानी दी क्यों जाती है, तो आज की इस पोस्ट में आपके इस सवाल का सही जवाब आपको मिल जायेगा।
दोस्तों क़ुरबानी देना हम मुसलमानों के लिए सुन्नत है, और क़ुरान ए पाक में यह बात है, की क़ुरबानी देना हज़रत इब्राहिम इलैहिस सलाम सुन्नत है, और इसीलिए हम सभी मुस्लमान जानवरों की क़ुरबानी देते हैं।
kurbani dene ka sahi samay (क़ुरबानी देने का सही वक़्त क्या है ?)
bakra eid साल में एक बार आती है, इस्लामिक केलिन्डर मुताबिक bakra eid में जानवर की क़ुरबानी जिल हिज्जा के 10 से 12 तारीख को क़ुरबानी दी जाती है।
बकरीद की नमाज़ मुकम्मल हो जाने के बाद क़ुरबानी दी जाती है, हालाँकि eid ul adha यानि की बकरीद में जानवर की क़ुरबानी के लिए 3 दिन का समय होता है, तो कोई भी शख्स इन तीन दिनों में क़ुरबानी दे सकता है।
दोस्तों क़ुरबानी देने की भी होती हैं, जिन्हें हमने निचे दिया है।
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bakrid mein kin janwaron ki kurbani de sakte hain (क़ुरबानी में कौन से जानवर की कुबानी हलाल है ?)
बकरीद में कुछ जानवरों की दी जाती है, उनमें भी हिस्से होते हैं, जैसे की छोटे जानवरों की क़ुरबानी में एक आदमी का हिस्सा होता है, और वहीँ दूसरी तरफ बड़े जानवरों में 7 लोगों की क़ुरबानी जायज़ है।
बकरीद में (ईद उल अज़हा) में इन जानवरों की क़ुरबानी दी जाती है।
1. छोटे जानवर। – छोटे जानवर जैसे दुम्बा, बकरा, भेंड़, इनमें एक आदमी का हिस्सा ही जायज है।
2. बड़े जानवर। – बड़े जानवर जैसे गाय, भैंस और ऊँट, इनपर 7 आदमी का हिस्सा जायज है।
Read more - https://www.islamicbiography.com/2021/07/bakrid-kya-hai-what-is-eid-ul-adha.html
kurbani kin par wajib hai (क़ुरबानी किन पर वाजिब है ?)
दोस्तों क़ुरबानी देना उन हर मुस्लमान Tत चाहे वह मर्द हो, औरत हो या फिर मुर्दा हो उन पर वाजिब है, जिन पर जकात फ़र्ज़ है, या आसान व सही लफ़्ज़ों में मालदार (पैसों वालों) पर वाजिब है।
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kurbani ka janwar kaisa hona chahiye (क़ुरबानी का जानवर कैसा होना चाहिए?)
अक्सर ये देखा गया है, की इल्म या जानकारी की कमी के कारण लोग अनजाने में गलत जानवर खरीद लेते हैं और उसकी क़ुरबानी दे देते हैं, जो की जायज नहीं है और क़ुबूल भी नहीं होती।
तो दोस्तों इसीलिए जानवर के चुनाव से पहले इस बात का इल्म होना बेहद जरूरी है की, जो जानवर आप क़ुरबानी के लिए खरीदे हैं, वह क़ुरबानी के लिए जायज़ है या नहीं।
क़ुरबानी का जानवर खरीदने से इन बातों का ध्यान दें।
जानवर एकदम तंदरुस्त और बलिक होना चाहिए।
सिंह टूटी हुई नहीं होनी चाहिए वरना कुरबानी नहीं होगी।
जानवर आँख, पैर या किसी भी शरीर के हिस्से से अपाहिज नहीं होना चाहिए।
Note – अगर आप क़ुरबानी का जानवर खरीद चुके हों और उसके बाद आपको जानवर में कोई ऐब दिखाई दे तो, अगर आप मालदार है अल्लाह ने आपको नवाज़ा है तो आप दूसरा जानवर खरीदें तभी आपकी क़ुरबानी जायज़ होगी, और अगर कोई गरीब है तो कोई हर्ज़ नहीं, लेकिन आप जानवर लेने से पहले उसका अच्छे से मुआयने लें।
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https://www.islamicbiography.com/2021/07/bakra-eid-ki-namaz-padhne-ka-tarika.html
अगर क़ुरबानी का जानवर खो किसी वजह से वह मर जाता है तो गरीब के लिए क़ुरबानी कुबूल हो जाएगी, लेकिन मालदार शख्स के लिए यह कुबूल नहीं है, उसे नया जानवर खरीदना होगा।
तो चलिए दोस्तों bakrid ki kurbani ki dua in hindi देख लेते हैं।
Kurbani ki dua
إِنِّي وَجَّهْتُ وَجْهِيَ لِلَّذِي فَطَرَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ حَنِيفًا وَمَا أَنَا مِنَ الْمُشْرِكِينَ إِنَّ صَلَاتِي وَنُسُكِي وَمَحْيَايَ وَمَمَاتِي لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ
لَا شَرِيكَ لَهُ وَبِذَلِكَ أُمِرْتُ وَأَنَا أَوَّلُ الْمُسْلِمِينَ، بِسْمِ الله الله أَكْبَرُ।
इन्नी वज्जहतु वजहि य लिल्लज़ी फ़ त रस्मावाति वल अर्दा हनीफँव व् मा अ न मिनल मुशरिकीन इन न सलाती व नुसुकी मह्या य व ममाती लिल्लाहि रब्बिल आलमीन
ला शरी क लहू व बि ज़ालि क उमिरतु व अ न मिनल मुस्लिमीन * अल्लाहुम्मा ल क व मिन क बिस्मिल्लाहि अल्लाहु अकबर
Kurbani ki dua in hindi translation
जिसने आसमानों और ज़मीनों को पैदा किया है, उस जात की तरफ अपना रुख मोड़ा, इस हाल में मैं मुशरिकों में से नहीं हूँ, बल्कि मैं इस हाल में इब्राहिम, हनीफ के दींन में हूँ।
मेरी नमाज़, मेरी इबादत, मेरा मरना और जीना बेशक सब अल्लाह सुबहाना व ता’आला के लिए है, जो रब्बुल आलमीन है, जिसका कोई शरीक नहीं है, और इसी का हुक्म मुझे दिया गया है, और मैं फरमाबरदारों में से हूं। ऐ अल्लाह, यह कुर्बानी तेरी तौफ़ीक़ से है और तेरे लिए है।
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Kurbani ki dua in englsih
Inni wajjahtu wajhia Lillazi fataras samawati wal arz haneefa wa ma ana minal mushrikeen, inna salati wa nusuki wa mahyaya wa mamati lillahi rabbil aalmeen
La sharika lahu, wa bizalika umirtu, wa ana awwalul muslimeen, allahumma la ka wa min-kbis millahi Allahu Akbar.
Kurbani ki dua in englsih translation
He who created the heavens and the earth, turned his back to that nation, in this condition I am not among the Mushriks, but in this condition I am in the worship of Ibrahim, Hanif.
My prayers, my worship, my death and my living are certainly all for Allah Subhana and Ta’ala, who is the Rabbul ‘Alamin, who has no partner, and this has been commanded to me, and I am one of the obligers. O Allah, this sacrifice is from your talent and is for you.
जब आप क़ुरबानी की दुआ पढ़ेंगे तो दुआ की आखिर में आपको अन दिखेगा, तब आप अन के बाद उस शख्स का नाम ले लिजियेगा जिसके नाम से क़ुरबानी दी जा रही हो।
अगर आप अपने तरफ से ज़िब्ह कर रहे हो तो अपना नाम लें । इसके बाद बिस्मिल्लाह वल्लाहू अकबर कह कर ज़िब्ह कर लें।
Kurbani dene ke bad ki dua
जब आप क़ुरबानी का जानवर ज़िब्ह कर लें उसके बाद यह दुआ पढ़ें।
Note – अगर अपने अपने नाम से क़ुरबानी दी है, तो अल्लाहुम्म तक़ब्बल के बाद मिन्नी पढ़ें। अगर आप दूसरों के लिए कुर्बानी का जानवर ज़बह किया है तो मिन्नी के जगह ‘मिन फलां’ पढ़ें।ध्यान रहे फलां का मतलब कुर्बानी देने वाले का नाम के साथ उसके वालिद का भी नाम जरूर शामिल करें।
اللهم تقبله مني كما تقبلت من حبيبك محمد وخليلك إبراهيم عليه السلام
कुर्बानी देने के बाद कि दुआ | Kurbani dene ke bad ki dua in hindi
अल्लाहुम्म तक़ब्बल मिन्नी (‘मिन फलां’) कमा तक़ब्बल्त मिन् ख़लीलिक इब्राहीम अ़लैहिस्सलाम व हबीबिक मुहम्मदिन सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम
Kurbani dene ke bad ki dua in hindi translation
ऐ अल्लाह मैंने ये क़ुरबानी तेरे लिए की है, इस क़ुरबानी को क़ुबूल फरमा जैसे आपने हज़रत मुहम्मद मुस्तफा (SAW) और इब्राहिम अलैहिस्सलाम की क़ुबूल की थी।
Kurbani dene ke bad ki dua in english
Allahhumma taqabbal lahu minni kama taqabbal lata min habibika muhammad, wa khallika Ibrahim.
Kurbani dene ke bad ki dua in english translation
O Allah, I have made this sacrifice for you, accept this sacrifice as you had accepted Muhammad Mustafa (SAW) and Ibrahim Alaihis Salam.
तो ये थी आज की हमारी पोस्ट जिसमे हमने kurbani ki dua in hindi जाना और भी बहुत सी बातों को जाना और समझा दोस्तों bakra eid 2021 20 से 21 जुलाई को है।
Conclusion (नतीजा)
दोस्तों बकरीद में क़ुरबानी करना सुन्नत है और यह इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है, जीसे पूरी दुनिया मानते हैं और क़ुरबानी करते हैं, आज की इस पोस्ट में हमने इन्ही सभी बातों की मालूमत आप तक पहुँचाने की कोशिश की है।
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अल्लाह हाफिज !!!
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